आंखों को मोबाइल स्क्रीन से नुकसान, कैसे बचे?


मोबाइल डिवाइस का ज्यादा इस्तेमाल करने के साथ-साथ इससे होने वाली हानि भी बढ़ती जा रही है।

लोकडाउन के चलते बच्चों की पढ़ाई भी ऑनलाइन हो रही है, इस कारण पेरेंट्स को यह चिंता है कि कहीं मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन से उनकी आंखों में कोई समस्या ना हो।
और वे चाहते हैं कि स्क्रीन टाइम निश्चित हो।

 

स्क्रीन टाइम क्या है?

एक पूरे दिन (24 घंटे) में कोई भी व्यक्ति स्क्रीन यानी कंप्यूटर, लैपटॉप, टीवी, मोबाइल, आदि का कितनी देर इस्तेमाल करते हैं या कितनी देर उसे देखते हैं, वह होता है स्क्रीन टाइम।

 

कितना होना चाहिए स्क्रीन टाइम

आंखों के अनुसार होती है स्क्रीन टाइम कि किस व्यक्ति को कितनी देर स्क्रीन पर रहना चाहिए।

 

जो व्यक्ति मोबाइल, कंप्यूटर आदि पर लंबे समय तक उनके सामने बैठकर काम करते हैं, ऐसे में उनकी आंखों की मांसपेशियां थक जाती है और उनकी आंखों में कमजोरी होने लगती है।
इसलिए ऐसे व्यक्ति को हर आधे घंटे या 20-30 मिनट में आंखों को आराम देना चाहिए। 
उन्हें अपनी आंखों को स्क्रीन से हटाकर थोड़ी देर दूर तक देखना चाहिए इससे आंखों की मांसपेशियों को आराम मिलता है।

 

5 साल से कम बच्चों की आंखों का विकास होता रहता है। इसलिए उन्हें बहुत कम या स्क्रीन नहीं दिखानी चाहिए उनकी आंखों पर असर पड़ता है।

 

बच्चों को कितनी देर दिखाएं स्क्रीन
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लंबे समय तक स्क्रीन चलाने से नुकसान

लंबे समय तक कंप्यूटर, मोबाइल, लैपटॉप आदि चलाने से हमारी आंखों को नुकसान पहुंचता है।
क्योंकि यह स्क्रीन हमारी आंखों के पास होती है जिससे हमारी आंखों का फोकस उन पर ही टिका रहता है ऐसा लगातार करते रहने से हमारी आंखों की मांसपेशियां थकने लगती है और ऐसा लंबे समय तक होने से वे कमजोर भी पड़ जाती है। जिसके कारण देखने में धुंधलापन होता है।

 

जब हम कंप्यूटर या फिर लैपटॉप की स्क्रीन पर बैठकर लंबे समय तक काम करते हैं तो हमारी बैठने और इसके पोजीशन में भी समस्या हो सकती है।

 

स्क्रीन से होने वाली समस्या से कैसे बचे?

स्क्रीन से आंखों को बचाने के लिए सबसे पहले स्क्रीन टाइम निश्चित होना चाहिए।
ज्यादा देर स्क्रीन पर काम ना करें अगर आप लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करते हैं तो बीच में ब्रेक ले।
मोबाइल, कंप्यूटर आदि का इस्तेमाल करते समय एंटीग्लेयर चश्मा पहने। इससे आंखों को सुरक्षा होगी।
कंप्यूटर को ऐसी जगह रखें जहां पर आप उसे चलाते देख सके।
ऑनलाइन पढ़ाई करते समय उस डिवाइस को स्पीकर मोड पर ही रखें।
इंदौर के साथ ही आउटडोर एक्टिविटी या फिजिकल एक्टिविटी पर जोड़ दें। जिससे आपका बच्चा फिजिकली फिट होगा।
कमरे में पर्याप्त रोशनी रखें। कम रोशनी में आंखों को नुकसान होता है।

 

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