Pulse Oximeter: ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन सैचुरेशन कैसे नापते है और पल्स रेट है

इसका नामक पल्स ऑक्सीमीटर है इसको आपने कई अस्पतालों में देखा होगा।

आजकल ऑक्सीजन कौन आपने और पल्स को नापने क्योंकि पल्स ज्यादा हो तो खतरनाक और पल्स कम हो तो खतरनाक है तो ये मशीन आजकल सबके घर पे यूज करने के लिए रखा जाता है जैसे थर्मामीटर होता था वैसे आजकल ऑक्सीजन सिचुएशन चेक कर सकते हैं और पल्स अपना चेक कर सकते तो ये मशीन आप इस्तेमाल जरूर करें।

पल्स ऑक्सीमीटर मशीन करती क्या है?

यह मशीन दो चीज आपको पता चल जाता है। एक आपका पल्स कितना है या हार्ट की स्पीड कितना है और दूसरा पता चलता आपके ऑक्सीजन सैचुरेशन की रेटिंग।

ऑक्सीजन सैचुरेशन का क्या मतलब है?

हार्ट पंप करता है तो पूरे बॉडी में ऑक्सीजन वाला ब्लड जाती है वहीं भी जाती है और वो ये देखते ही इलेक्ट्रिक क्रेक का फोटो इलेक्ट्रिक केस में ट्रांसफर होता है जो आपकी ऑक्सीजन से सैचुरेटेड को चेक कर सकता है।

पल्स ऑक्सीमीटर को कैसे यूज करते है?

इसको यूज करना बहुत ही आसान है। पल्स ऑक्सीमीटर को एक तरफ से दबाकर दूसरी तरफ से इसमे अंगुली डालें और एक बटन दबा दे और कुछ ही सेकंड में यह आपको ऑक्सीजन की सिचुएशन बता देगा।

आजकल ये मशीन बहुत पॉपुलर हो रही है और हर किसी को जाता है कि कभी भी ये आपको सांस लेने में परेशानी हो तो इस पल्स मीटर को यूज करिए और इसमें ऑक्सीजन भी ज्यादा दिखे तो ये बहुत काम की चीज है। इसे इस्तेमाल करना भी काफी ज्यादा सरल है।

 

कोई को भी अगर कोई सांस में कमी आने लग जाए जोकि बहुत मरीजों में होता है तब लोग कभी भी सस्पेंशन हों तो इसे पल्स ऑक्सीमीटर से अपना ऑक्सीजन सिचुएशन देखें। अगर ये 90 से कम हैं तो सीरियस बात है और अगर आपकी पल्स की स्पीड भी देखना है तो इससे दिख सकते है।

ऑक्सीजन सैचुरेशन कितना होना चाहिए?

ऑक्सीजन सिचुएशन आपको मालूम में यूज हो 90% परसेंट होता देखिए हमारी नाइटी नाइन परसेंट है और इसमें दूसरा पल्स भी दिखता है।

अगर किसी व्यक्ति की 80 के आसपास पल्स है। ये उसके लिए 70 के आसपास होना चाहिए अगर में 2 मिनिट बहुत रिलैक्स रखों तो ये 70 के आसपास आ जाता है और इसमें पल्स की वे फौर्म में भी दिखता है कि कितना बार पल्स जा रहे तो ये मशीन आजकल बहुत यूज करने बोला जाता है।

SPO2 क्या है?

सबसे पहले हम SPO2 के बारे में जानेंगे

हमारी बॉडी में ब्लड के साथ ऑक्सीजन भी होता है। आक्सीजन हीमोग्लोबिन के साथ सैचुरेटेड होता है। मान लीजिए हमारा SPO2 98% है, तो इसका मतलब ये हुआ कि 98% हीमोग्लोबिन आक्सीजन वाला है और बचा हुआ 2% हीमोग्लोबिन बिना ऑक्सीजन वाला है।

ऑक्सीजन लेवल दिन में कितनी बार नापे?

हर दो घंटे में कोरोना पेशेंट्स को लोगों के पल्स ऑक्सीमीटर से अपना पल्सर ऑक्सीजन से कीजिए। ये मशीन आप खरीद को अपने पास रख सकते हैं। काम का मशीन है टंकी सोच।

Pulse Oximeter in Hindi

पल्स कैसे चेक करते हैं?

बहुत लोग तो पल्स चेक करना नहीं जानते। लेकिन पल्स देखना कौई बड़ी बात नहीं तो आइए देखते हैं कि पल्स को चेक कैसे करना है-

घर पर पल्स कैसे नापे?

यह बहुत ही सरल है, अपने कोई से भी हाथ की कलाई पर जहां पर घड़ी बांधते है। वहां पर बीचों-बीच जाइए और इससे आधा इंच अंगूठे की तरफ पा जाइए और थोड़ा धीरे से दबाइएं और देखे बीप-बीप कर रहे हैं इसका मतलब पल्स चल रही है।

हार्ट एक बार पम्प करते एक बीप होता है, एक बार पम्प करता है तो एक बार बीप होती है। जितने बार ‌हार्ट प‌‌म्प करेगा तब और पल्स आएगा तो आप पल्स आसानी से चेक कर सकते हैं।

 

ये बाए हाथ पर भी चेक कर सकते हैं और दाएं पर भी।

बहुत सरल है, दो उंगली को ये इंडेक्स फिंगर और मिडिल फिंगर दोनों को बराबर कर लीजिए और कलाई पर लगाइए और आधा इंच अंगूठे की तरफ जाओ एक सेंटीमीटर अंगूठे की तरफ शिफ्ट करिए और थोड़ा सा आगे पीछे करेंगे तो  आपको फील होने लग जाएगा। पल्स काउंट करने का क्या रूल है।

 

एक मिनट तक घड़ी देख कर पल्स को एक मिनट तक काउंट कीजिए नॉर्मल 70 के आसपास होता 70-72 और  50 से 90 तक एकदम नॉर्मल पल्स है।

कोई भी आदमी एक मिनट में अपना पल्स को चेक कर सकता है।

अपना पल्स को ऐसे अकाउंट नहीं करें कि हर पांच सेकेंड की ओर 12 से गुणा कर ऐसा नहीं करें।

कम से कम आधा मिनिट तो मिनिमम देखना एक मिनिट देखेंगे तो सबसे बढ़िया तो आप अपना पल्स जरूर नापें।

याद रखेगा पल्स जब भी चेक करेंगे आदमी रेस्ट में होना कम से कम पांच मिनट रेस्ट में बैठे। फिर उसका एक्चुअल पल्स पता चलता है।

 

तो पल्स आप ज़रूर हर दिन चेक कर सकते हैं और अपना पल्स मालूम होना चाहिए और कोई heart काट पेशेंट है उसमें नाप सकते हैं।

नॉरमल पल्स कितना होना चाहिए?

नॉरमल पल्स रेट 50 से 90 के बीच में होता है और अगर पल्स 90 से ज्यादा है तो आपको डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए और 50 से कम में तो डॉक्टर को कंसल्ट करना चाहिए।

 

लेकिन आजकल पल्स रेट को पल्स ऑक्सीमीटर उससे भी बल से किया जा सकता पर तब भरोसा नहीं कर सकते। वो तीन सेकेंड के लिए पल्स चेक करता है और उसको 20 से मल्टी प्ले कर देता है तो अगर 3 के जरिए 4 देख लिया तो वो पल्सर 80 दिखा देगा।

3 के जगह 2 देख लिया तो साफ दिखा देगा तो 30-40-20 का डिफरेंस कर सकता है।

वह पल्स ऑक्सीमीटर की जगह अपना पल ज़रूर देखे और जो भी पल्स देखना नहीं आता उनको जरूर सिखाएं।

 

नकली पल्स ऑक्सीमीटर को कैसे पहचाने?

आजकल बाजार में लोग मुनाफा कमाने के लिए खराब चीजें भी बेच रहे हैं। इसलिए हमें नकली पल्स ऑक्सीमीटर को पहचानने की तरह होती है क्योंकि कहीं यह गलत तो नहीं बता रहा है इसके लिए आप पहले अपने ऑक्सीमीटर में जांच करें इसके बाद किसी डॉक्टर के पल्स ऑक्सीमीटर में जांच करें।

ऐसे जाकर दोनों पल्स मीटर को चेक कर लीजिए दोनों अगर सही बता रहे हैं तो इसका मतलब आपका पल्स मीटर सही है और वैलीड है इस मशीन को आप अपने पास जरूर खरीद के रखें।

पल्स ऑक्सीमीटर कितने की आती है?

नॉर्मली pulse oximeter हजार डेढ़ हजार में आते हैं। अब ये बहुत सारे विदेशी कंपनी इसको बनाने लगे और कई कंपनियां ऐसी है जो एक साथ बहुत ज्यादा तादात में पल्स ऑक्सीमीटर बनाती है और इसका कॉस्ट आजकल 200 से 300 में भी आने लगी है।

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