तेज चलने से बढ़ती है उम्र और नहीं होंगे बीमार | Runing ang Walking Tips

 कई बीमारियों का पता उसके चलने से ही लगाया जा सकता है कि कौन सी बीमारी उसको हो सकती है?



व्यक्ति कैसे चलता है धीरे या तेज उसकी चाल से ही यह पता लगाना थोड़ा आसान हो जाता है कि वह कितना एक्टिव है।

 

90 प्रतिशत लोग यह सोचते हैं कि उन्हें चलने या दौड़ने का सही तरीका आता है। लेकिन ऐसा नहीं होता है। 

 

चलने का सही तरीका क्या है?

हम अपने जीवन में सबसे ज्यादा चलते है। इसलिए हमें चलने का सही तरीका पता होना चाहिए। जिससे कि हमें उससे लाभ हो सके।

हम अपनी दिनचर्या में जो काम करते है, उससे लाभ लेना चाहिए।

 

तेज गति से चलने के फायदे?

अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन के अनुसार दावा किया गया है कि जो व्यक्ति तेज गति से चलते हैं उनकी उम्र धीमी गति से चलने वाले लोगों की तुलना में ज्यादा होती है।

यानी जो व्यक्ति तेज गति से चलते हैं, उनकी उम्र लंबी होती है।

 

जो व्यक्ति तेज गति से चलते हैं वह बीमार भी कम पड़ते हैं।

तेज गति से चलने वाले लोगों में फेफड़े व रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी मजबूत होती है।

जो लोग तेज गति से चलते हैं वह अन्य की तुलना में काफी स्वस्थ और तंदुरुस्त नजर आते हैं।

 

 

धीमी गति से चलने के नुकसान?

जीवन में किसी को अल्जाइमर जैसी बीमारी हो सकती है और यह बीमारी किसको हो सकती है। यह उसकी चलने की गति को देखकर पता लगाया जा सकता है।

 

45 वर्ष की आयु के व्यक्ति जो धीमी गति से चलते हैं वह ज्यादा बीमार पड़ेंगे सामान्य व्यक्ति की तुलना में।

उनके फेफड़े और रोगों से लड़ने की क्षमता भी काफी कमजोर होगी जिससे कि वह जल्दी बीमार पड़ सकते हैं।

और उनमें अन्य लोगों की तुलना में जल्दी बुढ़ापा नजर आने लगेगा।

 

ज्यादा तेज चलने के नुकसान?

सामान्य तेज गति से चलना सही है लेकिन बहुत ज्यादा तेज गति से भी नहीं चलना चाहिए क्योंकि अगर बहुत ज्यादा तेज गति से चलेंगे तो पैरों में दर्द होने लग जाएगा और जल्दी थकान भी होने लगेगी।

इसलिए सामान्य तेज गति से ही चले।

 

दौड़ना कैसे चाहिए? | दौड़ने का सही तरीका?

हर व्यक्ति दौड़ते समय यही सोचता है कि वह बिल्कुल सही दौड़ रहा है। लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं होता है कई बार लोग गलती कर ही जाते हैं या उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं।

इसलिए दौड़ते समय इन बातों को नजरअंदाज बिल्कुल भी नहीं करें नहीं तो बहुत बड़ी समस्या हो सकती है।

 

दौड़ते समय बहुत लोग नीचे देखते हैं ताकि वह अपने पैर सही जगह रख पाए। लेकिन यह गलत है।

दौड़ते समय हमेशा सामने की ओर देखना चाहिए क्योंकि नीचे देखते समय हमारी गर्दन नीचे की तरफ झुकी होती है जिससे हमारी गर्दन में भी दर्द हो सकता है और हमारी कमर में भी दर्द हो सकता है।

 

शुरुआत में दौड़ करते समय कई लोग ज्यादा उत्सुक होते हैं इसलिए वे शुरुआत से ही तेज दौड़ना शुरू कर देते हैं। ऐसा नहीं करना चाहिए। इससे कई तरह की समस्याएं खड़ी हो सकती है।

 

हमेशा दौड़ धीमी गति से शुरू करनी चाहिए और धीरे-धीरे उसे तेज गति में बढ़ाना चाहिए यह दौड़ने का एकदम सही तरीका होता।

 

कई लोग दौड़ कर आते हैं तो वे थक जाने के कारण सीधे ही बैठ जाते हैं। लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए।

दौड़ लगाने के बाद बैठे नहीं थोड़ी दूरी तक पैदल चले।

 

हर व्यक्ति को हर सुबह दौड़ करना चाहिए या मॉर्निंग वॉक जरूर करना चाहिए। इससे हम स्वस्थ रहेंगे।

प्रतिदिन दौड़ करने से हमारा हृदय स्वस्थ रहता है और हार्ट अटैक का खतरा भी कम होता है।

 

दौड़ करने से उम्र भी बढ़ती हैं और जल्दी बुढ़ापा नहीं आता।

 

चलने और दौड़ने के लिए कौनसे जूते पहने?

चलने या फिर दौड़ने के लिए जूते बहुत आवश्यक है।

दौड़ लगाने के लिए अच्छे रनिंग स्पोर्ट्स शूज ले ताकि उसमें आपके पाऊं सही से फिट हो जाए। खराब जूते पैर में दर्द का कारण भी बन सकते हैं।

 

चलने के लिए अच्छे जूते ले रनिंग शूज नए पहने क्योंकि उसके नीचे की सोल काफी मोटी होती है इससे आपको समस्या हो सकती है।

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