यह योग बचा रहे हैं लाखों लोगों की जिंदगीयां, कौनसा योग करना चाहिए?

योग हमेशा से ही लाभदायक रहा है और ऐसी कोई हमारे शरीर से जुड़े समस्या नहीं है जिसे की योग से ठीक ना किया जा सकता है?

अभी के समय लाखों लोगों को ऑक्सीजन की कमी का सामना करना पड़ रहा है। और कई लोग तो ऐसे हैं जिन्हें ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही जिस वजह से उन्हें कई दिक्कतें उठानी पड़ रही है।

लेकिन इसी के बीच योग के उपचार ने कई लोगों को ऑक्सीजन बढ़ाने के तरीके से बचाया है। इसलिए ऑक्सीजन लेवल को बढ़ाने के लिए हम कुछ लोग अपना सकते हैं जिनकी मदद से आसानी से ऑप्शन दे बढ़ाया जा सकता है।

Benefits of Yoga

ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने के लिए कौनसा योग करना चाहिए?

  • अनुलोम विलोम

  • भस्त्रिका

  • नाड़ी शोधन प्राणायाम

  • गहरी श्वास

 

1.अनुलोम विलोम

योगा में यह एक बहुत अच्छा प्राणायाम है। इससे हमें कई तरह के फायदे मिलते हैं।

अनुलोम विलोम करने के फायदे

  • ऑक्सीजन कि पूरे शरीर में पुर्ती करता है।
  • खर्राटों के लिए भी काफी अच्छा है यह व्यायाम क्योंकि इसे करने से नाक का रास्ता खुल जाता है जिसे कराटा की समस्या से छुटकारा मिलता है।
  • अनुलोम विलोम को रोज नियमित रूप से करने पर फेफड़े भी मजबूत होते हैं।
  • थकान को कम करता है अनुलोम विलोम व्यायाम
  • दिल स्वस्थ रहता है रोज अनुलोम विलोम व्यायाम करने से

 

अनुलोम विलोम करने का तरीका

  • अपने कंधों, गर्दन और कमर को सीधी रखें।
  • पद्मासन या सुखासन में बैठ जाए और अगर किसी को बैठने में समस्या है तो वह कुर्सी या बेड पर पैर नीचे कर बैठ सकता है, यह सभी आसन अच्छे हैं।
  • अपने बाएं हाथ को ज्ञान मुद्रा या वायु मुद्रा और किसी भी मुद्रा में रख सकते हैं।
  • दाएं हाथ की दोनों बीच के अंगुलियों से और अंगूठे की मदद से नाक को बंद करें।
  • एक समय पर एक ही नाक का इस्तेमाल करें।
  • अनुलोम विलोम की शुरुआत है बाई तरफ की नाक से करें।
  • दाएं नाक से स्वास बाहर छोड़े और फिर दाएं नाक से अंदर ले।
  • बाय नाक से बाहर निकाल दें।
  • अगर आप शुरुआत कर रहे हैं तो इसे 4 बार में करें।
  • अगर आप इसे नियमित रूप से कर रहे हैं और आप एडवांस लेयर पर है तो इसे 10 बार दोहराएं।
  • अनुलोम विलोम करने के बाद आंखें बंद कर 3 मिनट तक सामान्य रूप से स्वास ले।

 

2. भस्त्रिका

भस्त्रिका योग व्यायाम करने के फायदे

  • इस योग व्यायाम को करने से फेफड़े मजबूत होते हैं।
  • इस आसन को करने से हमारे फेफड़ों तक तेजी से हवा जाती है जिस कारण हमारे शरीर को ऑक्सीजन पूर्ण रूप से मिल पाती है।

भस्त्रिका करने का तरीका

  • सबसे पहले आपकी कमर और गर्दन एकदम सीधी हो।
  • ज्ञान मुद्रा में बैठ जाएं
  • आंखें बंद कर ले और गहरी श्वास अंदर-बाहर करें।
  • अब अपने दोनों हाथों को ऊपर उठाते हुए नाक के माध्यम से तेजी से गहरी श्वास अंदर लें।
  • और तेजी से हाथों को नीचे करते हुए नाक के माध्यम से श्वास को बाहर छोड़ें।
  • बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं इसे धीरे करें।
  • भस्त्रिका के तीन से चार सेट लगाएं।
  • रुकते ई समय तेजी से श्वास बाहर निकालते हुए रुक जाए।
  • इसे करने के बाद 1 से 2 मिनट तक ध्यान मुद्रा में बैठे।

 

3. नाड़ी शोधन प्राणायाम

नाड़ी शोधन करने के फायदे

  • यह प्राणायाम करने से शरीर में शुद्ध ऑक्सीजन की पूर्ति होती है और पूरे शरीर में ताजगी आती है।
  • थकान को दूर करता है।

नाड़ी शोधन करने का तरीका

  • अपनी कमर, गर्दन और पीठ को सीधी कर बैठे।
  • अपने पैरों को सुखासन या पद्मासन में लगा कर बैठे और अपने हाथों को किसी मुद्रा में रखें।
  • अपने दाएं हाथ के अंगूठे से दाएं तरफ कि नासिका को बंद कर लें और बाय नाक से सांस अंदर ले।
  • फिर दाएं हाथ की अंगुलियों से बाए तरफ की नासिका को बंद कर दाईं तरफ स्वास निकाले।
  • तीन से चार बार इसे दोहराएं।
  • इसे करने के बाद थोड़ी देर ध्यान मुद्रा में बैठे।

 

4. गहरी श्वास

स्वास को गहरी लेने के फायदे

  • गहरी श्वास लेने से हमारे फेफड़े मजबूत होते हैं।
  • ऑक्सीजन की पूरे शरीर में पूर्ति होती है।
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।
  • संक्रमण होने का खतरा कम हो जाता है।
  • शरीर में ऊर्जा बढ़ती है।
  • गहरी सांस लेने से नींद अच्छी आती है।

 

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